मध्य प्रदेश

10 साल से अधूरा कम्युनिटी हॉल, फंड पर उठे सवाल

Kavita2
28 July 2026 10:37 AM IST
10 साल से अधूरा कम्युनिटी हॉल, फंड पर उठे सवाल
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इछावर: सीहोर जिले की इछावर जनपद पंचायत के नयापुरा गांव में एक कम्युनिटी हॉल का निर्माण कार्य पिछले करीब दस वर्षों से अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के लिए उपयोगी साबित होने वाला यह भवन अब धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। अधूरी पड़ी इमारत के आसपास घास और झाड़ियां उग आई हैं, जबकि निर्माण की नींव भी कमजोर होने लगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि फंड के कथित दुरुपयोग और प्रशासनिक लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है।

जानकारी के अनुसार, नयापुरा गांव में सामुदायिक गतिविधियों, बैठकों और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए कम्युनिटी हॉल का निर्माण प्रस्तावित किया गया था। इस भवन के निर्माण के लिए क्षेत्रीय विधायक ने अपने विधायक स्थानीय क्षेत्र विकास फंड से 10 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की थी। इसके बाद ग्राम पंचायत को निर्माण कार्य शुरू करने के लिए पहली किश्त के रूप में 4 लाख रुपये प्राप्त हुए थे।

ग्रामीणों के मुताबिक, शुरुआती राशि मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू तो हुआ, लेकिन कुछ समय बाद काम बंद हो गया। धीरे-धीरे आधा बना हुआ भवन लंबे समय तक उपेक्षित पड़ा रहा। अब स्थिति यह है कि निर्माण स्थल पर उगी झाड़ियां और खराब हो रही संरचना इस बात का प्रमाण हैं कि वर्षों से इस ओर ध्यान नहीं दिया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन सरपंच और पंचायत सचिव के कार्यकाल में वित्तीय अनियमितताएं हुईं, जिसके कारण निर्माण कार्य के लिए उपलब्ध राशि का सही उपयोग नहीं हो पाया। उनका कहना है कि यदि स्वीकृत राशि का पारदर्शी तरीके से इस्तेमाल किया जाता तो कम्युनिटी हॉल कई वर्षों पहले पूरा हो चुका होता और ग्रामीणों को इसका लाभ मिल रहा होता।

अधूरा भवन अब गांव के लिए परेशानी का कारण बन गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च किए गए थे, वह पूरा नहीं हो सका। शादी-विवाह, सामाजिक कार्यक्रमों और ग्राम स्तरीय बैठकों के लिए लोगों को अब भी वैकल्पिक स्थानों का सहारा लेना पड़ता है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए और निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराया जाए। उनका कहना है कि सरकारी राशि से शुरू हुए विकास कार्यों का अधूरा रह जाना जनता के पैसे का नुकसान है। यदि समय रहते ध्यान दिया जाता तो भवन की हालत खराब होने से बचाई जा सकती थी।

स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय तक अधूरा रहने के कारण भवन की गुणवत्ता पर भी असर पड़ा है। बारिश और मौसम की मार से निर्माण सामग्री खराब हो रही है। दीवारों और नींव में भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। ऐसे में दोबारा काम शुरू करने से पहले तकनीकी जांच की जरूरत होगी।

वहीं, प्रशासनिक स्तर पर इस मामले में आगे की कार्रवाई को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जनपद पंचायत और जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेकर जांच कराएंगे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

विकास योजनाओं के तहत स्वीकृत होने वाली राशि का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना होता है। लेकिन नयापुरा का यह मामला बताता है कि यदि निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था कमजोर हो तो विकास कार्य लंबे समय तक अधूरे रह सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि कम्युनिटी हॉल बनने से गांव के लोगों को काफी सुविधा मिलती। छोटे-बड़े कार्यक्रमों के लिए एक स्थायी स्थान उपलब्ध होता और पंचायत स्तर की गतिविधियां भी बेहतर तरीके से संचालित हो सकती थीं। लेकिन दस साल बीत जाने के बाद भी भवन का अधूरा रहना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है। वे चाहते हैं कि अधूरे पड़े भवन की स्थिति का आकलन कर जल्द से जल्द निर्माण पूरा कराया जाए, ताकि सरकारी योजना का वास्तविक लाभ गांव के लोगों तक पहुंच सके।

नयापुरा का यह अधूरा कम्युनिटी हॉल ग्रामीण विकास योजनाओं में निगरानी और पारदर्शिता की जरूरत को सामने लाता है। यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने ध्यान दिया होता तो लाखों रुपये की लागत से बनने वाला यह भवन आज ग्रामीणों के उपयोग में होता, लेकिन फिलहाल यह केवल अधूरे विकास कार्य का उदाहरण बनकर रह गया है।

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